यात्रियों का आरोप है कि दोनों फ्लाइट का शेड्यूल बार-बार बदला गया, लेकिन देरी की स्पष्ट वजह नहीं बताई गई। मंगलवार दोपहर तक भी दोनों फ्लाइट उड़ान नहीं भर सकीं।
स्पाइसजेट की पहली फ्लाइट SG 5111 को सोमवार सुबह 8:30 बजे दिल्ली से रवाना होना था और 11:15 बजे दुबई पहुंचना था। वहीं दूसरी फ्लाइट SG 5105 को सोमवार रात 10:10 बजे उड़ान भरनी थी और रात 12:55 बजे दुबई पहुंचना था।
लेकिन दोनों उड़ानों में लंबी देरी हुई। इसके चलते यात्रियों को एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करना पड़ा।
स्पाइसजेट ने बताया कि एक विमान के ग्राउंडेड होने के कारण ऑपरेशनल समस्याएं पैदा हुईं, जिसकी वजह से दोनों फ्लाइट प्रभावित हुईं। एयरलाइन ने यात्रियों से हुई असुविधा के लिए माफी मांगी है।
एयरलाइन के मुताबिक, प्रभावित यात्रियों को दूसरी फ्लाइट के जरिए दुबई भेजने की व्यवस्था की जा रही है। स्पाइसजेट का कहना है कि यात्रियों को जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
स्पाइसजेट के लिए ऑन-टाइम परफॉर्मेंस भी चिंता का विषय रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में एयरलाइन की सिर्फ 34.5% फ्लाइट समय पर संचालित हुईं। यह प्रमुख एयरलाइंस के बीच सबसे खराब प्रदर्शन बताया गया।
जुलाई में स्पाइसजेट की बाजार हिस्सेदारी 1.6% रही और एयरलाइन ने करीब 1.87 लाख यात्रियों को सफर कराया। इसके मुकाबले इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी 67.4%, एयर इंडिया ग्रुप की 24% और अकासा एयर की 5.5% रही।
स्पाइसजेट के संचालन और वित्तीय स्थिति को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA भी नजर बनाए हुए हैं। पिछले सप्ताह नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा था कि मंत्रालय और DGCA एयरलाइन की वित्तीय स्थिति और ऑपरेशनल मामलों की करीबी निगरानी कर रहे हैं।
दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई इस घटना ने एक बार फिर एयरलाइन की समय पर उड़ान और परिचालन व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक फ्लाइट से दुबई भेजने की प्रक्रिया जारी है।
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