देश: की राजनीति में एक बार फिर चुनावी हलचल तेज हो गई है। Bharatiya Janata Party ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में कुल 144 उम्मीदवारों के नाम शामिल किए गए हैं। पार्टी ने अपने प्रमुख नेता Suvendu Adhikari को दो महत्वपूर्ण सीटों—नंदीग्राम और भबानीपुर—से उम्मीदवार बनाया है।
ये दोनों सीटें राज्य की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee से जुड़ी रही हैं, इसलिए भाजपा का यह फैसला राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुवेंदु अधिकारी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को कड़ी टक्कर देते हुए जीत हासिल की थी। उस चुनाव में नंदीग्राम पूरे देश की सबसे चर्चित सीटों में से एक बन गई थी।
नंदीग्राम में हार के बाद ममता बनर्जी ने उपचुनाव में Bhabanipur सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की थी। यह सीट लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ मानी जाती है। ममता बनर्जी 2011 से 2021 तक लगातार यहां से विधायक रही हैं।
भाजपा द्वारा सुवेंदु अधिकारी को इन दोनों सीटों से मैदान में उतारना चुनावी रणनीति के लिहाज से बड़ा दांव माना जा रहा है।

भाजपा ने Diamond Harbour क्षेत्र से दीपक कुमार हालदार को उम्मीदवार बनाया है। यह इलाका तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Abhishek Banerjee के लोकसभा क्षेत्र में आता है।
इसके अलावा भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Dilip Ghosh को खड़गपुर सदर विधानसभा सीट से टिकट दिया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने इस बार कई ऐसी सीटों पर मजबूत उम्मीदवार उतारे हैं, जहां मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है।
पश्चिम बंगाल के साथ-साथ भाजपा ने Kerala में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भी अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है। पार्टी ने 140 सीटों वाले विधानसभा चुनाव में से 47 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं।
पार्टी ने केरल भाजपा अध्यक्ष Rajeev Chandrasekhar को नेमोम सीट से मैदान में उतारा है।
राजीव चंद्रशेखर ने 2024 के लोकसभा चुनाव में Thiruvananthapuram सीट से चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें कांग्रेस नेता Shashi Tharoor से हार का सामना करना पड़ा था।
पश्चिम बंगाल में पिछले 14 वर्षों से तृणमूल कांग्रेस की सरकार है और ममता बनर्जी लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। यदि 2026 के चुनाव में भी उनकी पार्टी जीत दर्ज करती है तो वह लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने वाली देश की पहली महिला नेता बन सकती हैं।
हालांकि विपक्ष के रूप में भाजपा लगातार राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है और पिछले चुनावों में पार्टी ने कई सीटों पर अच्छा प्रदर्शन किया था।
दक्षिण भारत का राज्य केरल राजनीतिक रूप से अलग स्थिति में है। यहां लंबे समय से कांग्रेस और वाम मोर्चे के बीच सत्ता परिवर्तन की परंपरा रही है। हालांकि 2021 में Left Democratic Front ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाकर इस परंपरा को तोड़ दिया।
भाजपा अब तक केरल विधानसभा में एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हुई है, लेकिन हाल के वर्षों में पार्टी ने राज्य में अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश तेज कर दी है।
इस बीच Election Commission of India ने चुनावी राज्यों में सुरक्षा और निगरानी के व्यापक इंतजाम किए हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार 5,173 से ज्यादा फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं, जो चुनावी आचार संहिता से जुड़ी शिकायतों पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई करेंगे। इसके अलावा 5,200 से अधिक स्टैटिक सर्विलांस टीमें भी तैनात की गई हैं।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार पश्चिम बंगाल में मतदान 23 और 29 अप्रैल को होगा, जबकि केरल और असम में 9 अप्रैल को एक ही चरण में वोटिंग होगी। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा। इन सभी राज्यों और पुडुचेरी में मतगणना 4 मई को होगी।
भाजपा की पहली उम्मीदवार सूची ने पश्चिम बंगाल और केरल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। खास तौर पर सुवेंदु अधिकारी को ममता बनर्जी से जुड़ी दोनों सीटों से मैदान में उतारना चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना सकता है। आने वाले दिनों में अन्य दलों की रणनीति और उम्मीदवारों की घोषणा से चुनावी माहौल और गर्म होने की संभावना है।
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