राजस्थान में गहने चोरी के एक मामले की जांच के दौरान पुलिस द्वारा तंत्र-मंत्र और तांत्रिक की मदद लेने का मामला सामने आने पर राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि किसी भी आपराधिक मामले की जांच वैज्ञानिक तरीकों और कानूनी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए, न कि अंधविश्वास या तांत्रिक के इशारों पर। जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण की एकल पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नागौर पुलिस अधीक्षक को तुरंत जांच अधिकारी बदलने का निर्देश दिया। कोर्ट ने आदेश दिया कि 15 दिनों के भीतर यह जांच श्रीबालाजी थाने से हटाकर किसी अन्य थाने के सब-इंस्पेक्टर या उससे वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी जाए। हाईकोर्ट की इस टिप्पणी के बाद पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.